Unheen Mein Palata Raha Prem

Poonam Shukla

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  • Year: 2017

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Arya Prakashan Mandal

  • ISBN No: 978-93-84788-43-8

उन्हीं में पलता रहा प्रेम 
पूनम शुक्ला की कविताएँ एक ओर जहाँ स्त्री-विमर्श के दायरे को मजबूत करती हैं वहीं दूसरी ओर उसे विस्तार भी देती हैं। स्त्राी के दुःख और संघर्ष को ही नहीं, उसके अधिकार और ताकत को भी पहचानती हैं और उसे तर्क की ठोस भूमि पर निरूपित करती हैं। ऐसे में कविता के बयान बन जाने का खतरा बार-बार उपस्थित होता है, लेकिन भावात्मक लगाव और संवेदनात्मक स्पर्श से वे न सिर्फ ऐसे खतरों को टालने में सफल होती हैं बल्कि कई बार कविता की नई जमीन तोड़ने का उद्यम भी करती दिखती हैं। स्त्री कविता की प्रचलित अवधारणा से अलग एक संवेदनशील और विवेकशील मनुष्य की तरह समय के बीहड़ में प्रवेश करती हैं और समाज की उन विषमताओं और विसंगतियों को देखने में भी सफल होती हैं, जिन्हें देखने के लिए एक वर्गदृष्टि चाहिए। खास बात यह है कि उनकी कविताओं में यह वर्गदृष्टि आरोपित नहीं बल्कि जीवनानुभव के विस्तार और उत्पीड़ित जनों के साथ संवेदनात्मक जुड़ाव से पैदा हुई दृष्टि है।
पूनम शुक्ला अपने समय के विमर्शों से प्रभावित तो हैं लेकिन वे ज्ञान और सूचनाओं का उपयोग, उन्हें अपने जीवनानुभव में शामिल करने के उपरांत ही करती हैं, इसलिए वे पाठकों को चैंकाती नहीं हैं बल्कि बेचैन कर देती हैं। यह उनका दूसरा संग्रह है, लेकिन इसे एक नई शुरुआत की तरह देखा जाना चाहिए। पहले संग्रह में काव्याभ्यास वाली कविताएँ अधिक थीं। उसके साथ इस संग्रह की कविताओं को देखकर लगता है कि यह विकास नहीं बल्कि छलाँग है, एक बिलकुल अलग तरह के काव्यलोक में। जाहिर है अपना मुहावरा पाने के लिए उन्होंने कठिन रचनात्मक संघर्ष किया है जिसकी झलक इन कविताओं में मिलती है।
—मदन कश्यप 

Poonam Shukla

पूनम शुक्ला
जन्म: 26 जून, 1972, बलिया (उ. प्र.)
पिता केंद्रीय विद्यालय में हिंदी के प्रवक्ता व प्राचार्य पद पर रहे। स्थानांतरण के कारण प्रारंभिक शिक्षा अलग-अलग शहरों में हुई 
बी. एस-सी. आॅनर्स (जीवविज्ञान) नाॅर्थ बंगाल यूनिवर्सिटी से महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से एम. सी. ए. 
चार वर्षों तक विभिन्न विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा प्रदान की। अब कविता एवं गद्य लेखन में संलग्न
एक कविता संग्रह ‘सूरज के बीज’ 2012 में प्रकाशित 
34 कवियों के साझा संग्रह ‘सुनो समय जो कहता है’ में रचनाएँ संकलित 
विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित 
आकाशवाणी, दूरदर्शन सहित विभिन्न साहित्यिक कार्यक्रमों में भागीदारी 
छात्रा जीवन में काव्य पाठ, भाषण और अभिनय के लिए कई बार पुरस्कृत 

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