Ped Khaali Nahin Hai

Narendra Nagdev

Availability: In stock

Seller: KGPBOOKS

Qty:
380.00 342 +


  • Year: 2017

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 978-81-933728-0-7

प्रतिष्ठित कथाकार नरेन्द्र नागदेव हर कहानी के फलक पर अपने पूरे कलामय व्यक्तित्व के साथ मौजूद होते हैं, वह भी पूरी एकाग्रता के साथ, कहानी दर कहानी बदलती हुई तस्वीरों में एक स्थायी लय की तरह। उनकी कहानियों की संरचना में तीनों स्वर साथ-साथ चलते हैं—मूल्यों के अंकन की जिद, उनके विघटन का यथार्थ और इन्हें सतत देखती अंतरात्मा की आंख, जिसे कथाकार की केंद्रीय दृष्टि भी कहा जा सकता है।
उनकी कहानियां वर्तमान और अतीत, कल्पना और यथार्थ, सही और गलत तथा मन के अंधेरों और उजालों के बीच झूलती हुई सी चलती हैं। वे अपनी आत्मीयता, संवेदनशीलता, और स्मृति संपन्नता के प्राचुर्य के साथ अपनी सहज उपस्थिति दर्ज कराती हैं।
रचनाओं की मोहक भाषा, शिल्प की महीन बुनावट तथा प्रस्तुतीकरण में निजता का स्पर्श उन्हें अलग पहचान देते हैं।
इन कहानियों का फलक विस्तृत है। एक ओर वे एक अराजक समय की चपेट में आए व्यक्ति के अंतद्र्वंद्व और मनोविज्ञान को वैयक्तिक स्पर्श के साथ उकेरते हैं, तो वहीं दूसरी ओर बाह्य विडंबनाओं को भी प्रतीकात्मक तथा सृजनात्मक ऊर्जा के साथ प्रस्तुत करते हैं। मानवीय मूल्यों को खंगालते हुए वे कभी वर्तमान के परिदृश्य को पकड़ते हैं, तो कभी सदियों के आर-पार इतिहास के पन्नों तक पहुंच जाते हैं।
‘पेड़ खाली नहीं है’ नरेन्द्र नागदेव की विगत आठ-दस वर्षों में प्रकाशित-चर्चित कहानियों का संग्रह है, जिसमें वे तमाम विशेषताएं विद्यमान हैं, जो उन्हें समकालीन साहित्य में एक विशिष्ट स्थान प्रदान करती हैं।

Narendra Nagdev

Scroll