Culture Valture

Mamta Kalia

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  • Year: 2017

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 978-93-81467-86-2

कल्चर वल्चर
शीर्षस्थ कथाकार ममता कालिया की प्रत्येक रचना पर उनकी रचनाशीलता के हस्ताक्षर रहते हैं। संवेदना की थाह लेने और भाषा में उसे संभव करने का उनका अपना एक अनूठा ढंग है। ‘कल्चर वल्चर’ ममता कालिया का नवीनतम उपन्यास है। इसके बीज-विचार के संदर्भ में उन्होंने लिखा है, ‘कला, साहित्य व संस्कृति आज सरोकार न रहकर कारोबार बनते जा रहे हैं और इसके प्रबंधक, कारोबारी। इनके हाथों में संस्कृति, विकृति बन रही है और साहित्य, वाहित्य।’
ममता कालिया ने बहुत कुशलता के साथ कोलकाता की पृष्ठभूमि में इस उपन्यास की कथा बुनी है। महत्तर उद्देश्यों को लेकर अस्तित्व में आई एक साहित्यिक- सांस्कृतिक संस्था किस तरह विडंबनाओं, विरूपताओं, अंतर्विरोधें, कपट, कलह, चतुर चाटुकारिता व निजी महत्त्वाकांक्षाओं का तलघर बन जाती है—यह तथ्य ‘कल्चर वल्चर’ में उजागर हुआ है। लेखकीय कौशल यह है कि सारे चरित्र और कथा-प्रसंग कल्पना पर आधारित होते हुए भी अपनी निष्पत्तियों में अत्यंत जीवंत हैं। चाहें तो इस उपन्यास में समकालीनता की पदचाप या अनुगूंज भी सुन सकते हैं। नवीन और सुषमा जैसे चरित्र अपने निहितार्थों के साथ पाठक के चित्त पर अंकित हो जाते हैं। लेखिका ने व्यापक संदर्भों के साथ उन मनोवृत्तियों को टटोला है जो शब्द में सिक्कों की खनक और साहित्य में सरोकारों का शोकगीत सुनना चाहती हैं। ‘कल्चर वल्चर’ भूमंडलीकरण, उद्दंड पूंजी, निरंकुश सोच आदि के आशयों को भी खंगालता है। अपनी प्रांजल व खिलंदड़ी भाषा के लिए ममता कालिया बहुप्रशंसित हैं। यह उपन्यास उनकी रचनात्मक सिद्धि का एक अभिनव आयाम है।

Mamta Kalia

ममता कालिया जन्म : 2 नवंबर, 1940, मथुरा, उ०प्र० शिक्षा : एम०ए० (अंग्रेजी साहित्य), दिल्ली विश्वविद्यालय पूर्व सेवा : प्राचार्या, महिला सेवा सदन डिग्री कॉलेज, इलाहाबाद से सेवानिवृत ० प्रवक्ता, अंग्रेजी विभाग, एस०एन०डी०टी० महिला विश्वविद्यालय, मुंबई ० प्रवक्ता (अंग्रेजी), दौलतराम कॉलिज, दिल्ली विश्वविद्यालय संप्रति : निदेशक, भारतीय भाषा परिषद, कोलकाता प्रमुख प्रकाशित कृतियाँ : 'छुटकारा', 'एक अदद औरत', 'सीट नंबर छह', 'उसका यौवन', 'प्रतिदिन', 'चर्चित कहानियाँ', 'जाँच अभी जारी है', 'बोलने वाली औरत', 'मुखौटा', 'निर्मोही', 'दस प्रतिनिधि कहानियाँ' (कहानी-संग्रह) ० 'बेघर', 'नरक दर नरक', 'प्रेम कहानी', 'लड़कियाँ', 'मानवता के बंधन', (सोमरसेट मॉम के उपन्यास का अनुवाद), 'एक पत्नी के नोट्स', 'दौड़' (उपन्यास) ० 'खाँटी घरेलू औरत' (कविता-संग्रह) ० 'आत्मा अठन्नी का नाम है', 'आप न बदलेंगे' (एकांकी-संग्रह) संपादित पुस्तकें : 'एक कदम आगे' (राजस्थान शासन के लिए कहानी-संकलन का संपादन) ० 'वर्ष अमरकान्त' (साहित्यिक आलोचना पर केंद्रित ग्रंथ) ० 'गली-कूचे' (रवीन्द्र कालिया की कहानियों का संकलन) ० 'पाँच नए एकांकी' (एकांकी संकलन) ० 'टिन एजर' पत्रिका के कविता पृष्ठ का पाँच वर्ष तक संपादन ० 'नयी सदी की पहचान प्रमुख महिला कहानीकार' (कहानी-संकलन) सम्मान एवं पुरस्कार : सर्वश्रेष्ठ कहानी पुरस्कार, सरस्वती प्रेस, इलाहाबाद, 1976 ० उ०प्र० हिंदी संस्थान का यशपाल सम्मान, 1985 ० रचना सम्मान, अभिनव भारती, कोलकाता, 1990 ० उ०प्र० हिंदी संस्थान का महादेवी वर्मा अनुशंसा सम्मान, 1998 ० सावित्री बाई फुले सम्मान, 1999 ० उ०प्र० हिंदी संस्थान का साहित्य-भूषण सम्मान, 2002

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