Adakara Madhubala : Dard Bhari Jeevan Katha (Paperback)

Shashi Kant Kinikar

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  • Year: 2015

  • Binding: Paperback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 978-93-83233-06-9

Shashi Kant Kinikar

शशिकांत पिछले साठ वर्षों से फिल्मी पत्रकारिता से—हिंदी, मराठी व अंग्रेजी में—जुड़े हुए हैं। उन्होंने जिज्ञासावश, भारतीय सिनेमा की शुरू की मूक फिल्मों पर बहुत खोजकर समीक्षा की। उन्होंने अपनी खोज में लिखा है कि भारतीय फिल्म के पहले निर्माता दादासाहेब फालके नहीं अपितु दादासाहेब तोरणी थे। उनका कहना है कि दादासाहेब तोरणी की फिल्म ‘पुण्डलिका’ 1912 में निर्मित हुई जब कि दादासाहेब फालके की फिल्म ‘राजा हरीशचन्द्र’ 1913 में आई। 
श्री किणीकर ने अब तक लगभग तीस पुस्तकें, अधिकतर मराठी और अंग्रेजी में लिखी हैं। 
उनमें कुछ पुस्तकों का अंग्रेजी, गुजराती व मलयालम में अनुवाद भी हुआ है। 
उनकी मराठी पुस्तक ‘मधुबाला’ इतनी लोकप्रिय हुई कि उसके अब तक चार संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं और ‘अदाकारा मधुबाला: दर्दभरी जीवन कथा’  उसी का अनुवाद है जो पहली बार हिंदी भाषा में प्रस्तुत है।

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