Dus Pratinidhi Kahaniyan : Agyey (Paperback)

Agyey

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  • Year: 2016

  • Binding: Paperback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 978-93-80146-87-4

Agyey

पूरा नाम : सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन जन्म : 7 मार्च, 1911 को कुशीनगर (कसया), जिला-देवरिया, (उत्तर प्रदेश) में एक पुरातत्त्व-उत्खनन शिविर में । बचपन लखनऊ में गुजरा जहाँ मौखिक परंपरा से संस्कृत की शिक्षा प्रारंभ हुई। तत्पश्चात् श्रीनगर एवं जम्मू में संस्कृत, फारसी और अंग्रेजी की शिक्षा। क्रिश्चियन कॉलेज, मद्रास से इंटर और फॉरमन कॉलेज, लाहौर से बी०एस-सी० में प्रथम श्रेणी में प्रथम । 1929 में लाहौर में क्रांतिकारी जीवन का आरंभ। हिंदुस्तान रिपब्लिकन पार्टी से जुड़ाव तथा चंद्रशेखर आजाद, भगवतीचरण वोहरा, सुखदेव आदि से संपर्क । 1930 में भगतसिंह को छुड़ाने का प्रयत्न । बम बनाने की फैक्टरी बनाने के सिलसिले में जेल-यात्रा । कई अन्य मुकदमों से भी जेल जाना पड़ा । किसान आंदोलन में भागीदारी । प्रमुख प्रकाशित कृतियां : 'चिंता', 'विपथगा’, 'परंपरा', 'इत्यलम', 'बावरा अहेरी', 'अरे यायावर रहेगा याद', 'इंद्रधनु रौंदे हुए ये', 'आँगन के पार द्वार', 'कितनी नावों में कितनी बार', 'शेखर : एक जीवनी' (दों भागों में), 'नदी के द्वीप', 'अपने-अपने अजनबी', 'कोठरी की बात', 'जयदोल' । संपादन : 'सैनिक' (1936), 'आधुनिक हिंदी साहित्य' (1942), 'तारसप्तक' (1943), 'प्रतीक' (1947-48), 'दूसरा सप्तक' (1951), 'थॉट' (1947-55) 'तीसरा सप्तक' (1959), 'दिनमान' (1964-69), 'एवरी मेंस वीकली' (1973-74), 'नया प्रतीक' (1973), 'नवभारत टाइम्स' (1977-80), 'चौथा सप्तक' (1980) । पुरस्कार : कितनी नावों से कितनी बार' पर 1977 में ज्ञानपीठ पुरस्कार, यूगोस्लाविया के कविता-सम्मान 'गोल्डनन्टीथ' से 1983 में सम्मानित, 1987 में भारत-भारती सम्मान । निधन : 4 अप्रैल, 1987 को दिल्ली में ।

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