Dus Pratinidhi Kahaniyan : Chandrakanta (Paperback)

Chandrakanta

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  • Year: 2013

  • Binding: Paperback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 978-93-82114-27-7

दस प्रतिनिधि कहानियाँ : चन्द्रकान्ता
'दस प्रतिनिधि कहानियाँ' सीरीज़ किताबघर प्रकाशन की एक महत्त्वाकांक्षी कथा-योजना है, जिसमें हिन्दी कथा-जगत् के सभी शीर्षस्थ कथाकारों को प्रस्तुत किया जा रहा है ।
इस सीरीज़ में सम्मिलित कहानीकारों से यह अपेक्षा की गई है कि वे अपने संपूर्ण कथा-दौर से उन दस कहानियों का चयन करें, जो पाठको, समीक्षकों तथा संपादकों के लिए मील का पत्थर रही हों तथा ये ऐसी कहानियाँ भी हों, जिनकी वजह से उन्हें स्वयं को भी कहानीकार होने का अहसास बना रहा हो। भूमिका-स्वरूप कथाकार का एक वक्तव्य भी इस सीरीज़ के लिए आमंत्रित किया गया है, जिसमें प्रस्तुत कहानियों को प्रतिनिधित्व सौंपने की बात पर चर्चा करना अपेक्षित रहा है ।
किताबघर प्रकाशन गौरवान्वित है कि इस सीरीज़ के लिए सभी कथाकारों का उसे सहज सहयोग मिला है। इस सीरीज़ के महत्त्वपूर्ण कथाकार चन्द्रकान्ता ने प्रस्तुत संकलन में अपनी जिन दस कहानियों को प्रस्तुत किया है, वे हैं : 'पोशनूल की वापसी', 'आवाज़', 'चुप्पी की धुन', 'पत्थरों के राग', "अलग-अलग इंतजार', 'भीतरी सफाई', 'आत्मबोधग', 'सिद्धि का कटरा' , 'लगातार युद्ध' तथा 'रात में सागर'।
हमेँ विश्वास है कि इस सीरीज़ के माध्यम से पाठक सुविख्यात लेखक चन्द्रकान्ता की प्रतिनिधि कहानियों को एक ही जिल्द में पाकर सुखद पाठकीय संतोष का अनुभव करेंगें ।

Chandrakanta

चन्द्रकान्ता जन्म : 3 सितंबर, 1938, श्रीनगर, कशमीर । शिक्षा : एम.ए., बी.एड. कश्मीर की सांस्कृतिक एवं आंचलिक रंगों के साथ हिंदी साहित्य में दर्ज करने वाली प्रथम लेखिका । रचनाएँ कहानी-संग्रह : सलाखों के पीछे, गलत लोगों के बीच, पोशनूल की वापसी, दहलीज़ पर न्याय, ओ सोनकिसरी!, कोठे पर कागा, सूरज के उगने तक, काली बर्फ, कथा नगर, बदलते हालात में, अब्बू ने कहा था, तैंती बाई, रात में सागर । कथा-संकलन : चर्चित कहानियां, प्रेम कहानियां, आंचलिक कहानियां, विस्तार दा जहर, यादगारी कहानियां। उपन्यास : अंतिम साक्ष्य एवं अर्थान्तर, बाकी सब खैरियत है, ऐलान गली जिन्दा है, अपने-अपने कोणार्क, यहां वितस्ता बहती है, कथा सतीसर । कविता-संग्रह : यहीं कहीं आसपास । आत्मकथात्मक संस्मरण : हाशिये की इबारतें । संस्मस्था एवं आलेख : मेरे भोजपत्र आदि । पुरस्कार/सम्पान : हिंदी अकादमी पुरस्कार ० व्यास सम्मान, के. के. बिड़ला फाउंडेशन, दिल्ली ० चन्द्रावती शुक्ल सम्मान ० कल्पतरु सम्मान ० कल्पना चावला सम्मान ० ऋचा लेखिका रत्न ० वाग्मणि सम्मान ० राष्ट्र को प्रथम महिला श्रीमती विमला शर्मा द्वारा सम्मानित ० अखिल भारतीय साहित्य परिषद, गुड़गांव ० हरियाणा प्रादेशिक हिंदी साहित्य सम्मेलन, गुड़गांव ० राष्ट्रभाषा गौरव सम्मान ० ऑल इंडिया कश्मीरी समाज द्वारा कम्युनिटी आइकॉन एवार्ड ० सौहार्द सम्मान, हिंदी संस्थान, उत्तर प्रदेश । समस्त साहित्य विशेषकर 'कथा सतीसर' पर 50 से अधिक शोधकार्य संपन्न तथा दूरदर्शन एवं आकाशवाणी पर अनेक धारावाहिक प्रसारित ।

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