Dus Pratinidhi Kahaniyan : Rajee Seth (Paperback)

Raji Seth

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  • Year: 2013

  • Binding: Paperback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 9789382114536

दस प्रतिनिधि कहानियाँ : राजी सेठ 
"दस प्रतिनिधि कहानियाँ" सीरीज़ किताबघर प्रकाशन की एक महत्त्वाकांक्षी कथा-योजना है, जिसमें हिन्दी कथा-जगत् के सभी शीर्षस्थ कथाकारों को प्रस्तुत किया जा रहा है ।
इस सीरीज़ में सम्मिलित कहानीकारों से यह अपेक्षा की गई है कि वे अपने संपूर्ण कथा-दौर से उन दस कहानियों का चयन करें, जो पाठको, समीक्षकों तथा संपादकों के लिए मील का पत्थर रही हों तथा ये ऐसी कहानियाँ भी हों, जिनकी वजह से उन्हें स्वयं को भी कहानीकार होने का अहसास बना रहा हो। भूमिका-स्वरूप कथाकार का एक वक्तव्य भी इस सीरीज़ के लिए आमंत्रित किया गया है, जिसमें प्रस्तुत कहानियों को प्रतिनिधित्व सौंपने की बात पर चर्चा करना अपेक्षित रहा है ।
किताबघर प्रकाशन गौरवान्वित है कि इस सीरीज़ के लिए सभी कथाकारों का उसे सहज सहयोग मिला है। इस सीरीज़ के महत्त्वपूर्ण कथाकार राराजी सेठ ने प्रस्तुत संकलन में अपनी जिन दस कहानियों को प्रस्तुत किया है, वे हैं :'उसका आकाश', 'तीसरी हथेली', 'अंधे मोड़ से आगे', 'पुल' , 'अमूर्त कुछ', 'तुम भी...?', 'अपने दायरे', 'ठहरो, इन्तजार हुसैन', 'उतनी दूर' तथा 'यह कहानी नहीं'।
हमेँ विश्वास है कि इस सीरीज़ के माध्यम से पाठक सुविख्यात लेखक राजी सेठ की प्रतिनिधि कहानियों को एक ही जिल्द में पाकर सुखद पाठकीय संतोष का अनुभव करेंगें ।

Raji Seth

राजी सेठ जन्म : नौशेहरा छावनी (पाकिस्तान), सन् 1935 शिक्षा : एम.ए. अंग्रेजी साहित्य। विशेष अध्ययन-तुलनात्मक धर्म और भारतीय दर्शन । लेखन : जीवन के उत्तरार्द्ध में भाषा ज्ञान-अंग्रेजी, हिंदी, पजाबी, उर्दू, गुजराती 1974 से प्रारंभ । 13 कहानी-संग्रह और 2 उपन्यास प्रकाशित । अंग्रेजी सहित कई योरोपीय और भारतीय भाषाओं में रचनाओं का अनुवाद । स्वयं भी अनेक अनुवाद किए हैं, जिनमें रिल्के के 100 पत्रों का अनुवाद प्रमुख । पुस्तकें एम.ए. के पाट्यक्रम में । संपादन : साहित्यिक पत्रिका 'युगसाक्षी' लखनऊ का 1987 से आठ वर्ष तक सह-संपादन, भारतीय कहानियां (1987-88) भारतीय ज्ञानपीठ के लिए संपादित । सम्मान : अनंत गोपाल शेवड़े पुरस्कार, हिंदी अकादमी सम्मान, भारतीय भाषा परिषद पुरस्कार, वाग्मणि सम्मान, रचना पुरस्कार, प्रथम टैगोर लिटरेरी अवार्ड । उपलब्धियाँ : फेलो, भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला, 1996-98

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