Kavi Ne Kaha : Arun Kamal (Paperback)

Arun Kamal

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  • Year: 2012

  • Binding: Paperback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 978-93-81467-17-6

कवि ने कहा: अरुण कमल
यहाँ जो कविताएँ संकलित हैं वे मेरी सभी चार प्रकाशित कविता-पुस्तकों एवं आने वाली पुस्तक से ली गई हैं। कुछ कविताएँ ऐसी भी हैं जो इन पुस्तकों के बाहर की हैं जो लिखी तो पहले गईं परंतु जिनका समावेश नहीं हो सका। ये कविताएँ मैंने खुद चुनी हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि बाकी कविताएँ जो यहाँ नहीं हैं वे इनसे हीनतर हैं या उनसे मेरा स्नेह कम है। हो सकता है कुछ लोगों को वे ही अधिक पसंद आवें। चाहिए तो यह कि किसी भी कवि की सभी रचनाओं को यानी पहली से लेकर अब तक एक साथ पढ़ा जाए। तब जाकर चित्र पूरा होता है क्योंकि कोई भी एक कविता अपने में पूरी नहीं होती, उसकी नाल किसी पिछली में होती है और मंजरी आगे बहुत दूर चलकर दिखलाई पड़ती है। इसलिए कई बार ओझल रह जाने वाली कविताएँ ध्यान देने पर बहुत महत्त्वपूर्ण लगती हैं।

Arun Kamal

अरुण कमल
जन्म: 15 फरवरी, 1954 को नासरीगंज, रोहतास (बिहार)।
प्रकाशित कृतियां: अब तक चार कविता-संग्रह ‘अपनी केवल धार’ (1980), ‘सबूत’ (1989), ‘नये इलाके में’ (1996) तथा ‘पुतली में संसार’ (2001) प्रकाशित। पाँचवाँ शीघ्र प्रकाश्य। दो आलोचना-पुस्तकें ‘कविता और समय’ (1999) तथा ‘गोलमेज’ (2009) एवं साक्षात्कारों की एक पुस्तक ‘कथोपकथन’ (2009)।
वियतनामी कवि ‘तो हू’ की कविताओं एवं टिप्पणियों की एक अनुवाद-पुस्तिका तथा मायकोवस्की की आत्मकथा का अनुवाद प्रकाशित। अनेक देशी-विदेशी कवियों की कविताओं के हिंदी में अनुवाद किए। साथ ही समकालीन भारतीय कविता के अंग्रेजी अनुवाद की पुस्तक ‘वायसेज़’ नाम से प्रकाशित।
‘नवभारत टाइम्स’, पटना में सामयिक विषयों पर एक स्तंभ (जन-गण-मन) थोड़े समय तक लिखा। इंटरनेट पत्रिका ‘लिटरेट वल्र्ड’ में साहित्य-विषयों पर स्तंभ-लेखन तथा ‘अनुस्वार’ नाम से कुछ अखबारों में अनुवाद-स्तंभ। 
‘आलोचना’ पत्रिका के संपादन से भी संबद्ध। 
कविता के लिए भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार, सोवियत भूमि नेहरू पुरस्कार, श्रीकांत वर्मा स्मृति पुरस्कार, शमशेर सम्मान, रघुवीर सहाय स्मृति पुरस्कार एवं ‘नये इलाके में’ पुस्तक के लिए 1998 का साहित्य अकादेमी पुरस्कार।
अनेक भाषाओं में कविताएं तथा कविता-पुस्तकें अनूदित।

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