Kavi Ne Kaha : Kedar Nath Singh (Paperback)

Kedarnath Singh

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  • Year: 2014

  • Binding: Paperback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 978-93-83233-39-7

कवि ने कहा : केदारनाथ सिंह
कवि केदारनाथ सिंह के अब तक प्रकाशित संपूर्ण कृतित्व से उनकी प्रतिनिधि कविताओं को छाँट निकालना एक कठिन काम है और चुनौती भरा भी। इस संकलन को तैयार करने में पहली कसौटी मेरी अपनी पसंद ही रही है। पचास वर्षों में फैले कृतित्व में से श्रेष्ठतर को छाँटकर यहाँ प्रस्तुत कर दिया है, ऐसा दावा मेरा बिलकुल नहीं है। हाँ, इतनी कोशिश अवश्य की है कि केदार जी की कविता के जितने रंग है, जितनी भगिमाएँ है उनकी थोडी-बहुत झलक और आस्वाद पाठक को मिल सके...यूँ चयन-दृष्टि का पता तो कविताएँ खुद देंगी ही।
कविताओं को चुनने और उन्हें अनुक्रम देने में यह कोशिश जरूर रहीं है कि पाठकों को ऐसा न लगे कि कविताओं को यहाँ किसी विशिष्ट श्रेणीबद्ध क्रम में बाँटकर सजाया गया है। भिन्न भाव बोध, रंग और मूड्स की कविताओं को एक साथ रखकर बस घंघोल भर दिया है-एक निरायासज़न्य सहजता के साथ पाठकों को पढ़ते समय जिससे किसी क्रम विशेष में आबद्ध होकर पढने जैसी प्रतीति न हो, बल्कि तरतीब में बनावटी साज-सज्जा से दूर एक मुक्त विचरण जैसा प्रकृत आस्वाद मिल सके ।

Kedarnath Singh

केदारनाथ सिंह
जन्म : 1934 चकिया (बलिया), उत्तर प्रदेश।  
शिक्षा  : आरंभिक शिक्षा गाँव में, बाद की शिक्षा-हाईस्कूल से एस.ए. तक वाराणसी में। 'आधुनिक हिंदी कविता में बिंब-विधान' विषय पर सन् 1964 में पी-एच.डी. प्राप्त की
विधिवत् काव्य-लेखन 1952-53 के आसपास शुरु किया। सन् 1954 में पाल एलुआर की प्रसिद्ध कविता 'स्वतंत्रता' का अनुवाद किया जिसके जरिए नई सौंदर्य-दृष्टि और समकालीन काव्य-चेतना से पहला परिचय हुआ। कुछ समय तक बनारस से निकलने वाली अनियतकालिक पत्रिका 'हमारी पीढ़ी' से संबद्ध रहे। पहला कविता-संग्रह 'अभी बिलकुल अभी' सन् 1960 में प्रकाशित । उसी वर्ष प्रकाशित 'तीसरा सप्तक' के सहयोगी कवियों में से एक। 
पेशे से अध्यापक। कार्यक्षेत्र का प्रसार महानगर से ठेठ ग्रामांचल तक। उदय प्रताप कॉलेज, वाराणसी; सेंट एंड्रईज कॉलेज, गोरखपुर; उदित नारायण कॉलेज, पडरौना तथा गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर से संबद्ध रहे। सन् 1976 जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली में 23 वर्षों तक अध्यापन । 
अनेक पुरस्कारों से सम्मानित, जिनमें प्रमुख हैं : साहित्य अकादेमी पुरस्कार, मैथिलीशरण गुप्त सम्मान (मध्य प्रदेश), जाशुआ सम्मान (आंध्र  प्रदेश), कुमारन आशान पुरस्कार (केरल), 'जीवन भारती' सम्मान (उड़ीसा), दयावती मोदी पुरस्कार तथा व्यास सम्मन।  काव्यपाठ के लिए अमरीका, रूस, कज्जकिस्तान, लंदन, पेरिस, इटली आदि देशों की यात्राएँ। 
प्रकाशित कृतियाँ : 'अभी बिलकुल अभी', 'जमीन पक रही है', 'यहाँ से देखो', 'अकाल में सारस', 'उत्तर कबीर और अन्य कविताएँ' एवं  'बाघ'। 'समकालीन रूसी कविताएँ' (साहित्य अकादेमी) तथा 'कविता दशक' (हिंदी अकादेमी)

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