Qissa Maujpur Ka (Paperback)

Jaivardhan

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  • Year: 2014

  • Binding: Paperback

  • Publisher: Amarsatya Prakashan

  • ISBN No: 978-93-83234-11-0

'किस्सा मौजपुर का' नाटक को वर्ष 2012 के दस श्रेष्ठ नाटकों में से एक श्रेष्ठ नाटक चुना गया । 'भारतेंदु नाट्य उत्सव' के अंतर्गत 23 मार्च, 2013 को इसका पुनः जोरदार प्रदर्शन हुआ । नाटक देखकर लेखक और वरिष्ठ रंगकर्मी श्री रेवती सरन शर्मा ने कहा था कि इस विषय पर कोई नाटक ऐसे भी लिखा जा सकता है, काम से काम मैं नहीं सोच सकता । 

Jaivardhan

जयवर्धन
जयवर्धन उपनाम। पूरा नाम जयप्रकाश सिंह (जे.पी. सिंह)। प्रतापगढ़ (उ० प्र०) ज़िले के मीरपुर गाँव में वर्ष 1960 में जन्म। अवध विश्वविद्यालय से स्नातक। 1984 में लखनऊ विश्वविद्यालय से विधि-स्नातक। लखनऊ दूरदर्शन में दो वर्षों तक आकस्मिक प्रस्तुति सहायक के रूप में कार्य। श्रीराम सेंटर, दिल्ली में एक वर्ष मंच प्रभारी। वर्ष 1988µ94 तक साहित्य कला परिषद, दिल्ली में कार्यक्रम अधिकारी। भारतीय नाट्य संघ, नीपा एवं अन्य कई संस्थाओं के सदस्य व सांस्कृतिक सलाहकार।
रंगमंच में विशेष रुचि। अभिनव नाट्य मंडल, बहराइच (उ० प्र०) और रंगभूमि, दिल्ली के संस्थापक। कभी दर्पण, दिल्ली के सक्रिय सदस्य। लगभग 40 नाटकों में अभिनय। 20 नाटकों का निर्देशन तथा 70 नाटकों की प्रकाश परिकल्पना।
कविता, गीत, एकांकी, नाटक, आलेख, समीक्षा, नुक्कड़ नाटक एवं सीरियल आदि का लेखन।
प्रमुख पूर्णकालिक नाटक: ‘मस्तमौला’, ‘हाय! हैंडसम’, ‘अर्जेंट मीटिंग’, ‘मायाराम की माया’, ‘मध्यांतर’, ‘अंततः’, ‘कविता का अंत’, ‘झाँसी की रानी’, ‘कर्मेव धर्मः’ (नौटंकी)।
बाल नाटक: ‘जंगल में मंगल’, ‘घोंघा बसंत’, ‘चंगू-मंगू’, ‘हम बड़े काम की चीज़’।

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