Mathuradas Ki Diary

Mudra Rakshes

Availability: In stock

Seller: KGPBOOKS

Qty:
50.00 45 + Free Shipping


  • Year: 1994

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Jagat Ram & Sons

  • ISBN No: 1111111111111

थुरादास की डायरी' शीर्षक से ही  कुछ बरस पहले एक अत्यन्त विवादास्पद लगभग विस्फोटक व्यंग्य लेख श्रृंखला छपी थी । पता यहीं वह इन लेखों की सफलता थी या असफलता कि लोगों ने इसे बंद कराकर ही दम लिया । इसके बाद एक दूसरी श्रृंखला छपी 'राक्षस उवाच' नाम से । इसके वैसे हो अन्त से पहले घर पर  पथराव हुए, कुछ धमकियाँ भी आई ।  बदमाशा मित्र इसे सौभाग्य बताते रहे पर संपादक नेक साबित हुए । श्रृंखला फिर बन्द हो गई ।

मगर कुछ लोगों का शुभ विचार है कि श्रृंखलाएँ बंद करवाने की इतनी सफल कोशिशों कें बाद भी ये लेख गड़बड़ी  फैलाने में खासे कामयाब हुए ।

–मुद्राराक्षस

Mudra Rakshes

मुद्राराक्षस
वास्तविक नाम-सुभाषचन्द्र। 
जन्म : 21 जून, 1933, लखनऊ के गाँव बेहटा में। 
1951 से लेखन, कविताएं, कहानियां, आलोचना। 
1976 में सस्कारी नौकरी से इस्तीफे के बाद से स्वतंत्र लेखन। 
अखबारों में समाज, अर्थतंत्र और इतिहास संबंधी टिप्पणियों के लिए विख्यात भी और विवादित भी। 
नौ नाटक, नौ उपन्यास, चार कहानी-संग्रह, दो आलोचना ग्रंथ, चार व्यंग्य-संग्रह के अतिरिक्त इतिहास और समाज पर अनेक पुस्तकें प्रकाशित।
साहित्य के अलावा ललितकलाओं और रंगचर्या के लिए भी विख्यात। 
स्वयं गायक, अभिनेता
सामाजिक आंदोलनों में भागीदारी। 

स्मृति-शेष : 13 जून, 2016

Scroll