Badalte Rang

Ram Swaroop Arora

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  • Year: 2009

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Arya Prakashan Mandal

  • ISBN No: 9788189982263

बदलते रंग
समय परिवर्तनशील है। समयानुसार सभी प्राणियों में श्रेष्ठ मनुष्य जाति की जीवन शैली एवं संस्कृति भी इस बदलाव से अछूती नहीं रही है। जो जीवन पद्धति, सभ्यता-संस्कृति आज से कुछ ही वर्ष पूर्व तक थी, वह आज परिवर्तित होकर कहाँ की कहाँ पहुँच गई है। हमारा राष्ट्र कालचक्र के प्रवाह से एक नए युग की ओर बढ़ रहा है। कहा नहीं जा सकता कि परिवर्तन का यह रंग उसे किस प्रकार के विकास की ओर ले जाएगा अथवा पतन के गर्त में पहुँचा देगा। इक्कीसवीं शताब्दी का कालक्रम इसका साक्षी होगा।
प्रस्तुत संग्रह में कुछ कहानियाँ भारतीय स्वतंत्रता के भूले-बिसरे क्रांतिकारियों के जीवन-वृत्त से, कुछ सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन, निजी अनुभव एवं राजस्थान के ग्रामीण कृषि संबंधी कार्यकलापों से तथा कतिपय कथागल्पों से संबंधित हैं, जो हमारे आसपास के जनजीवन पर गहन प्रभाव डालती हैं।
विद्वान् पाठक इन्हें पढ़कर विचार करें कि हम, हमारा राष्ट्र व समाज तब कहाँ थे और आज कहाँ आ पहुँचे हैं ? क्या हमारा वास्तविक विकास हुआ है ? या अब तक विकास के नाम पर किया गया समस्त कार्य एक छलावा मात्र है तथा अनैतिक, भ्रष्ट एवं पतन की ओर ले जाने वाले कार्यों का एक पुलिंदा है ? मैं अपनी बुद्धि-कल्पना एवं भावनाओं के अनुरूप जो कुछ लिख सका, वह सब आपकी सेवा में समर्पित है।               
--रामस्वरूप अरोड़ा

Ram Swaroop Arora

रामस्वरूप अरोड़ा
जन्म : 7 सितंबर, 1933, उदयपुर, राजस्थान
शिक्षा : बी.ए.
सामान्य हलवाई के रूप में जीवनयापन करते दादाजी की सदेच्छा का परिणाम था कि पारिवारिक व्यवसाय से अलग हटकर और उच्च शिक्षा प्राप्त कर उनका पौत्र एक विनम्र लेखक के रूप में स्थापित है। विजयनगर, राजस्थान से विद्यालयी शिक्षा पूर्ण कर उदयपुर, राजस्थान से कला स्नातक उपाधि सन् 1954 में प्राप्त की। तारघर से नौकरी प्रारंभ कर नई दिल्ली में सहायक मुख्य अधीक्षक एवं सेवानिवृत्ति के समय कोटा, राजस्थान में अधीक्षक-पद पर कार्य किया।
अच्छा स्वास्थ्य न रहते हुए भी स्वाध्याय का क्रम चलता रहा, जिसके परिणामस्वरूप आध्यात्मिक एवं धार्मिक ग्रंथों का गहन अध्ययन कर हिंदी व अंग्रेजी में हस्तलेखन एवं बाद में स्वयं ही कंप्यूटर टाइपिंग कर सद्साहित्य को आम पाठक तक पहुँचाने का प्रयास किया।

प्रकाशित साहित्य : सीढ़ियाँ (कहानी-संग्रह) ०  श्रीमद्भगवतगीता गीतामृत

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