Bayaan

Kamleshwar

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  • Year: 2011

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 978-81-7016-744-0

बयान

इस संग्रह में ‘बयान के साथ कमलेश्वर की वे सभी कहानियाँ संगृहीत हैंजिन्हें कहानीकार की विशिष्ट उपलब्धियों के रूप में सभी ने स्वीकारा और सराहा है।

नई कहानी आंदोलनके प्रमुख प्रवर्तक और प्रखर प्रवक्ता एवं ‘समांतर लेखन’ आंदोलन के प्रथम पुरुष के रूप में कमलेश्वर ने आम आदमी के साथ अपने लेखन को जोड़ा और अपनी रचनाओं में उसे सशक्त अभिव्यक्ति दी।

आज़ादी मुबारक’, ‘दस प्रतिनिधि कहानियाँ’, ‘राजा निरबंसिया’, ‘मांस का दरिया’, ‘कस्बे का आदमी’, ‘खोई हुई दिशाएँ’, ‘जार्ज पंचम की नाक’, ‘मेरी प्रिय कहानियाँ’, ‘इतने अच्छे दिन', ‘रावल की रेल’, ‘कोहरा’, ‘समग्र कहानियाँके बाद ‘बयानकमलेश्वर द्वारा आम आदमी की अभिव्यक्ति की सशक्त सनद है।    

Kamleshwar

कमलेश्वर, जन्म : 6 जनवरी, 1932, मैनपुरी (उ०प्र०), शिक्षा : एम०ए० (हिंदी), इलाहाबाद विश्वविद्यालय। प्रकाशित कृतियाँ : राजा निरबंसिया, कस्बे का आदमी, बयान, जार्ज पंचम की नाक, खोई हुई दिशाएं, मांस का दरिया, इतने अच्छे दिन, कोहरा, रावल की रेल, समग्र कहानियां, दस प्रतिनिधि कहानियां, आजादी मुबारक (कहानी- संग्रह); एक सड़क सत्तावन गलियां, लौटे हुए मुसाफिर, तीसरा आदमी, समुद्र में सोया हुआ आदमी, काली आँधी, आगामी अतीत, रेगिस्तान, वही बात, सुबह दोपहर शाम, डाकबँगला, कितने पाकिस्तान, एक और चन्द्रकाता (दो भाग) (उपन्यास); कश्मीर : रात के बाद, देशन-देशांतर (यात्रान्-वृत्तांत); जो मैंने जिया, यादों के चिराग, जलती हुई नदी (आत्मकथा); नई कहानी की भूमिका, मेरा पन्ना, बंधक लोकतंत्र, सिलसिला थमता नहीं, घटनाचक्र, दस्तक देते सवाल, मेरे साक्षात्कार, अपनी निगाह में आदि (विदिध); गुलमोहर फिर खिलेगा आदि (संपादन); इंगित, संकेत, नई कहानियां, सारिका, श्रीवर्षा, गंगा, कथायात्रा, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर का संपादन (पत्रकारिता); चन्द्रकांता, आकाशगंगा, युग, रेत पर लिखे नाम, बिखेरे पन्ने, दर्पण आदि (सीरियल लेखन); आँधी, मौसम, अमानुष, द बर्निंग ट्रैन, राम बलराम, शैतान, पति-पत्नी और वह, नटवरलाल, सारा आकाश, डाकबँगला आदि लगभग 100 स्क्रिप्ट्स (फिल्में)।
स्मृति-शेष : 27 जनवरी, 2007

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