Bhartiya Bhaashaaon Ki Shreshtha Kahaniyan

Himanshu Joshi

Availability: In stock

Seller: KGPBOOKS

Qty:
260.00 234 + Free Shipping


  • Year: 2018

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 9788170167198

भारतीय भाषाओं की श्रेष्ठ कहानियां 
प्रस्तुत संकलन में भारत की सोलह प्रमुख भाषाओं की सोलह प्रतिनिधि कहानियां समाविष्ट की गई हैं । कश्मीर से कन्याकुमारी तक का परिवेश किसी हद तक इनमें प्रतिबिंबित हुआ है । ये कहानियां हमें मात्र छूती-छेड़ती ही नहीं, बल्कि हँसाती, गुदगुदाती और कहीं-कहीं रुलाती भी हैं । साथ ही बहुत कुछ सोचने के लिए विवश भी करती हैं ।
इनमें भारत के स्थूल स्वरूप का प्रतिबिंबन ही नहीँ, भारत की अंतश्वेतना का स्पंदन भी मिलेगा और भारत की माटी की गंध भी ।
क्या है भारत ? क्या है उसकी अस्मिता की पहचान ? क्या हैं उसकी खूबियाँ ? खूबियों के साथ-साथ खामियां भी। यथार्थ के धरातल पर अंकित ऐसे अनेक ज्वलंत प्रश्नों के उत्तर इन जीती-जागती, बोलती-बतियाती कालजयी कृतियों में अनायास उपलब्ध हुए बिना नहीं रहेंगे ।
इनमें अतीत या वर्तमान ही नहीं, भविष्य का अंधकार से उबरता उजास भी है । अपने समग्र रूप में एक बृहुत् समाज, जो कहीं एक देश का ही नहीं, महादेश की पर्याय  भी बन जाता है। ये साधारण-सी कहानियां अपने में  अनेक असाधारण संसार सहेजे हैं ।

Himanshu Joshi

हिमांशु जोशी
अग्रणी कथाकार
गत चालीस वर्षों से लेखन से सक्रिय
उपन्यास : कगार की आग ० अरण्य ० महासागर ० तुम्हारे लिए ० छाया मत छूना मन ० सु-राज ० समय साक्षी है
कहानी-संग्रह : अंतत: ० मनुष्य-चिह्न ० जलते हुए डैने ० इस बार फिर बर्फ गिरी तो आदि
कविता-संग्रह  : नील नदी का वृक्ष
यात्रा-वृतांत : यात्राएँ
भेटकर्ता : मेरे साक्षात्कार 
'यातना शिविर' में कालापानी की अनकही कहानी आदि विशेष चर्चित
समस्त भारतीय भाषाओं के अतिरिक्त कुछ रचनाएँ अंग्रेजी, स्लाव, चेक, बर्मी, जापानी, चीनी, कोरियन, नार्वेजियन आदि में भी अनूदित हुईं । रंगमंच तथा चित्रपट के माध्यम से भी कईं कृतियों का प्रदर्शन हुआ । दूरदर्शन तथा रेडियों-धारावाहिक के रुप में भी ।
हिंदी अकादमी दिल्ली, उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, बिदार राजभाषा द्वारा अनेक कृतियां सम्मानित । 'केंद्रीय हिंदी संस्थान' (मानव संसाधन मंत्रालय) द्वारा 'गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान' से पुरस्कृत ।

Scroll