Nidhi Maharaj

Pradeep Anshu

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  • Year: 1993

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Arya Prakashan Mandal

  • ISBN No: 0044776565787

निधि महाराज
निधि महाराज अमृता प्रीतम के उपन्यास 'कोरे कागज' के शक्ति-बिन्दु हैं । उपन्यास के सभी किरदार अपनी खोई हुई दिशा को उसी शक्ति-बिन्दु से पाते हैं ।
लेकिन एक गीता है, जो जिंदगी के अन्याय को झेलती हुई जब गंगा की शरण ले लेती है, तो उसकी व्याकुल आत्मा उपन्यास में खामोश बनी रहती है। 
श्री प्रदीप अंशु निधि महाराज के शक्ति-स्थल से उतरकर एक मर्म को इस तरह पा गए है कि गीता की मुक्ति के लिए भी वह निधि महाराज को ही समर्थ पाते हैं... और जहाँ काल-अंतर मिट जाता है, वहीं खडे होकर श्री प्रदीप अंशु ने  जो  अंतर-ध्वनि सुनी है--उसी का   कि ब्यौरा यह पुस्तक है--'निधि महाराज' ।
यह लेखन की एक ऐसी विद्या  है, जो आज तक साहित्य का अंग नही बनी थी और प्रदीप अंशु इसी विद्या  को पहली बार साहित्य से लाए हैं।

Pradeep Anshu

प्रदीप अंशु
जन्म : 18 अक्तूबर, 1960 को दिल्ली ।
शिक्षा : धर्म, दर्शन. साहित्य, भाषा, विज्ञान, न्याय, कर्म-काण्ड, फलित-ज्योतिष, संस्कृत, हिन्दी व अंग्रेजी साहित्य में निष्णात । अनेक सामाजिक, धार्मिक सांस्कृतिक, विधिक एवं साहित्य संस्थाओं से जडे । विभिन्न क्षेत्रों के विद्वानों के प्रिय । सम्पूर्ण रूप से कर्म-क्षेत्र में रत रहकर जीवन-जययात्रा कर रहे है । मूल विचारक के रुप में स्थापित है ।

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