Aakhir Kab Tak

Rajendra Avasthi

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  • Year: 2013

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Parmeshwari Prakashan

  • ISBN No: 9788188121724

आखिर कब तक ?
राजेन्द्र अवस्थी कथाकार और पत्रकार तो हैं ही, उन्होंने सांस्कृतिक, राजनीतिक तथा सामयिक विषयों पर भी भरपूर लिखा डै । अनेक दैनिक समाचार-पत्रों तथा पत्रिकाओं में उनके लेख प्रमुखता से छपते रहे । उनकी बेबाक टिप्पणियाँ अनेक बार आक्रोश और विवाद को भी जन्म देती रहीं, लेकिन अवस्थी जी कभी भी अपनी बात कहने से नहीं चूकते । वह कहेंगे और बहुत निडर तथा बेबाक होकर कहेंगे, भले ही उनके मित्र भी उनसे अप्रसन्न क्यों न हो जाएँ । परिणामस्वरूप, उनका यह लेखन समसामयिक साहित्य का दस्तावेज बन गया । उन्होंने कई सुविख्यात व्यक्तित्व के जीवन को आधार बनाकर औपन्यासिक कृतियाँ दी हैं  और उनमें कथानायकों की विशेषताओं के साथ ही उनकी दुर्बलताओं की चर्चा भी की है । सक्रिय लेखन के दौरान बड़ी-बड़ी हस्तियों से उनका साबका तो पड़ता ही रहा । यह कहना अधिक उपयुक्त होगा कि कई बड़े लोगों के वह आत्मीय रहे हैं । ऐसे लेखन से उनका क्षेत्र व्यापक बना और साहित्य के रचना-प्रदेश के बाहर भी अन्य क्षेत्रों में उनकी खासी सर्जनात्मक पहचान बन पाई ।
प्रस्तुत टिप्पणियां मूल्यवान लेखन है। लेखक का मानना है कि उन्होंने एक भी घटना न बनावटी लिखी है और न ही कभी झूठ-फरेबी पत्रकारिता को स्वीकारा । जो जैसा है, जो सही है, जो स्पंदित है, उसी पर उन्होंने लिखा है। इस दृष्टि से यह कृति अत्यंत मदृत्यपूर्ण हो उठती है ।

Rajendra Avasthi

राजेन्द्र अवस्थी की महत्वपूर्ण कृतियाँ
दर्शन :  कालचिंतन; यात्रा-वृत्तांत एवं जनजीवन : दुनिया के अजनबी दोस्त, सैलानी की डायरी, हमसफर, हवा में तैरते हुए, दोस्तों की दुनिया, शहर से दूर, हमारे आदिवासी, खान अब्दुल गफ्फार खान, मध्यप्रदेश; उपन्यास साहित्य : सूरज किरण की छवि, जंगल के फूल, जाने कितनी आँखें, बीमार शहर, सीपियां, मछली बाजार, बहता हुआ पानी, अकेली आवाज, भंगी दरवाजा, शहर की सड़के, कथा साहित्य : मकडी के जाले , महुआ आम के जंगल, लमसेना, प्रतीक्षा, एक औरत से इंटरव्यू, एक फूल रजनीगंधा चोरी, फिसलती हुई मछली, ग्यारह राजनीतिक कहानियाँ, मेरी प्रिय कहानियां, गंगा की लहरें, गाँव की गलियां, चर्चित कहानियां, नाट्य एवं बाल साहित्य : छोटी-बडी लहर, लाल रोशनियां, काली झील, जानवरों की कहानियां, वीरों की कहानी, नये तीर्थ, हमारी लोककथाएँ; संपादन : श्रेष्ट प्रेम कहानियां भारतीय भाषाओँ की श्रेष्ट कहानियां, हिंदी की श्रेष्ठ कहानियां, श्रेष्ठ आंचलिक कहानियां, जिंदगी और मौत के दस्तावेज, प्रश्नों के घेरे, इंदिरा गांधी : जीवन के कुछ पृष्ठ, मेरा बचपन : जवाहरलाल नेहरू, सफेद घोड़ा (जान कोज़ाक), साहित्यिक कृतियों के अनुवाद : भारत की सभी भाषाओं में अधिकांश पुस्तकों के अनुवाद प्रकाशित; देशी भाषाओँ में प्रकाशित अनुवाद : रुसी, युक्रेन, अजरबेजान, ताजिक, चेक, बुल्यारियन, डच, जर्मन, फ्रांसीसी, स्वीडिश, नार्वेजियन में अनेक पुस्तकों के अनुवाद प्रकाशित।  अंग्रेजी में चार उपन्यासों और दो कहानी-संग्रहों के अनुवाद प्रकाशित; हास्य-व्यग्य : सेवकराम अखाडू के नाम से एक हास्य ग्रंथ; विश्वविद्यालयों द्वारा शोध : अनेक विश्वविद्यालयों से 'राजेन्द्र अवस्थी : व्यक्तित्व एवं साहित्य' पर पच्चीस से अधिक छात्रों ने शोध कर पी-एच० डी० प्राप्त की । लगभग 15 छात्र और शोध कर रहे हैं। डी० लिट०, के लिए चार विश्वविद्यालय में राजेन्द्र अवस्थी के साहित्य पर शोध हो रहे है ।

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