Buniad Ali Ki Bedil Dilli

Dronvir Kohli

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  • Year: 2010

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 978-81-907221-9-3

बुनियाद अली की बेदिल दिल्ली
यह अपूर्व संग्रह 'धर्मयुग' के लोकप्रिय स्तंभ बेदिल दिल्ली में प्रकाशित लेखों का है। डॉ० धर्मवीर भारती के विशेष आग्रह पर इसे लिखा करते थे उपन्यासकार द्रोणवीर  कोहली-बुनियाद अली के छदम नाम से।
स्तंभ में जाने वाली सामग्री के बारे में प्राय: तीखी प्रतिक्रिया होती थी। साहित्यिक गोष्टियों वाले लेखों को लेकर कुछ लेखक लाल-पीले भी होने लगते थे। ऐसी स्थिति में स्तंभ-लेखक के बारे में तरह-तरह के कयास लगाए जाते थे। लेकिन भारती जी ने लेखक की पहचान को निरंतर गुप्त रखा-इतना कि 'धर्मयुग' में उनके सहयोगी तक नहीं जान पाते थे कि इसे लिख कौन रहा है।
डॉ. धर्मवीर भारती इस स्तंभ के बारे में इतने उत्साहित थे कि लेखक को उन्होंने अपने 4-4-81 के पत्र में यह कहकर प्रोत्साहित किया था : "स्तंभ जोरदार जा रहा है। अपने ढंग का बिलकुल अलगा "

Dronvir Kohli

द्रोणवीर कोहली
अपने लंबे साहित्यिक जीवन में लेखक ने कुल जमा बीसेक कहानियाँ ही लिखी होंगी, लेकिन उनमें से मात्र बारह कहानियों को ही चुना 'जमा-पूँजी' से संगृहीत करने के लिए ।
लेखक के अब तक आठ उपन्यास प्रकाशित हो चुके हैं -- 'टप्परगाडी', 'चौखट', 'हवेलियों वाले', 'आँगन-कोठा', 'काया-स्पर्श', 'तकसीम', ‘वाह कैंप' तथा 'नानी' । 'चौखट' के लिए बिहार राजभाषा विभाग से 'राजा राधिकारमण प्रसाद सिंह' पुरस्कार ।
बाल-साहित्य में उत्तर प्रदेश से 'कंथक' तथा हिंदी अकादमी, दिल्ली से 'देवताओं की घाटी' पुरस्कृत । इंडो-रशियन लिटरेरी क्लब ने भी बाल-साहित्य से मूल्यवान योग के लिए लेखक को सम्मानित किया है । कुछ विश्वप्रसिद्ध लेखकों की बाल-रचनाओं का अनुवाद करने के अतिरिक्त लोककथाएँ तथा दूसरी कहानियाँ भी लिखी हैं ।
लेखक का जन्म 1932-33 में रावलपिंडी के निकट एक गाँव में हुआ, जहाँ संस्कृति, पाली का पुट लिए अवाणी अथवा अवाणकी बोली बोली जाती है। लड़कपन बीता रावलपिंडी में, जहाँ पोठोहारी बोली बोली जाती है । इन बोलियों का साहित्यिक प्रयोग लेखक ने अपनी रचनाओं में खुलकर किया है । देश-विभाजन के उपरांत 1949 में भारत सरकार के प्रकाशन विभाग में नौकरी, जहाँ 'आजकला', 'बाल भारती', 'सैनिक समाचार' पत्रिकाओं का संपादन किया । आकाशवाणी में वरिष्ठ संवाददाता, हिंदी समाचार विभाग में प्रभारी समाचार संपादक तथा प्रेस इंफरमेशन ब्यूरो में सूचना अधिकारी की हैसियत से भी काम किया ।

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