Raashtra Aur Musalman

Nasera Sharma

Availability: In stock

Seller: KGPBOOKS

Qty:
350.00 315 + Free Shipping


  • Year: 2016

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 978-81-7016-530-9

समय की छाती पर खड़ा मुसलमान आज अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का महत्त्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है। ‘मुसलमानों’ को लेकर इतना कुछ कहा जा रहा है कि स्वयं मुसलमान भी इस चर्चित मुसलमान के बारे में नई-नई सूचनाएं सुनने की जिज्ञासा रोक नहीं पाता है।
वह क्या है? वह कौन था? उसका भविष्य क्या होगा? इस विषय पर वार्तालाप के द्वारा अनेक नए-नए नजरिए, खबरें और ऐतिहासिक पृष्ठीाूमि की पर्तें रोज सामने लाई जा रही हैं। बहुत कुछ छप रहा है।
इस किताब में मुसलमान एक आम आदमी की तरह अपनी खूबी और कमजोरी के साथ मौजूद है। वह स्वयं अपनी बात कहने में सक्षम हे, इसलिए वह किसी बड़े नाम के सहारे या धार्मिक नेताओं के बल पर आगे नहीं बढ़ता है। 
जो सच है, वह सामने है। उसको स्वीकार करना या न करना पढ़ने वालों की अपनी दृष्टि एवं सामाजिक अवलोकन पर निर्भर है। 

Nasera Sharma

नासिरा शर्मा
जन्म : 1948, इलाहाबाद
फारसी भाषा-साहित्य में एम०ए० हिंदी, उर्दू फारसी, पश्तो, अंग्रेजी पर गहरी पकड़।ईरानी समाज और राजनीति के अतिरिक्त साहित्य, कला व संस्कृति विषयों की विशेषज्ञ। इराक, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, ईरान तथा भारत के राजनीतिज्ञों तथा प्रसिद्ध बुद्धिजीवियों के साथ साक्षात्कार किए, जो बहुचर्चित हुए। ईरानी युद्धबंदियों पर जर्मन व फ्रेंच टेलीविजन के लिए बनी फिल्म में महत्त्वपूर्ण योगदान।
प्रकाशित कृतियां  : 'सात नदियां एक समंदर', 'शाल्मली', ‘ठीकरे की मंगनी', 'जिंदा-मुहावरे', 'अक्षयवट', 'बूँद' (उपन्यास) ० 'शामी काग़ज़', 'पत्थरगली', 'संगसार', 'इब्ने मरियम', 'सबीना के चालीस चोर', 'खुदा की वापसी', 'इंसानी नस्ल', 'दूसरा ताजमहल', 'बुतखाना', 'गूँगा आसमान', 'शीर्ष कहानियाँ' (कहानी-संग्रह) ० 'किताब के बहाने', 'औरत के लिए औरत', 'राष्ट्र और मुसलमान' (लेख-संग्रह) ०  'जहाँ फौव्वारे लहू रोते हैं' (रिपोर्ताज़) ०  'अफगानिस्तान : बुज़कशी मैदान' (दो खडों में), 'मरजीना का देश : इराक', (इलाकाई अध्ययन) ० 'शाहनामा-ए-फिरदौसी', 'गुलिस्तान-ए-सादी', 'बर्निंग पयार', 'इकोज़ ऑफ  ईरानियन  रेवोल्यूशन : प्रोटेस्ट पोयट्री', 'किस्सा जाम का', 'काली छोटी मछली', 'आवारा कुत्ता (अनुवाद) ० 'दहलीज़', 'सबीना के चालीस चोर’, (नाटक) ० 'वापसी', 'सरज़मीन', 'बदला जमाना', 'शाल्मली' (सीरियल) ० 'मां', 'तड़प', 'आया बसंत सखी', 'काली मोहिनी', 'सेमल दरख्त', 'बावली' (टी०वी० फिल्म) ० 'पढ़ने का हक', 'सच्ची सहेली', 'गिलोबी', 'धन्यवाद ! धन्यवाद !' (साक्षरता) ० 'संसार अपने-अपने' (बाल-साहित्य) ० 'सारिका', 'पुनश्च' का ईरानी क्रांति विशेषांक (संयोजन एवं अनुवाद)

Scroll