Hilne Lagi Dharti (Stories)

Shrinivas Vats

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  • Year: 2014

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Himachal Pustak Bhandar

  • ISBN No: 9788188123117

हिलने लगी धरती
पंचदेश में शत्रु देश के जासूसों ने विद्रोह करवा दिया । भाट कवि ने राजा नरसिंह के दरबार तक पहुंच बना महामंत्री रुद्रदेव को शक्तिहीन कर दिया। कुछ दिन बाद राज्य में खबर फैल गई कि रुद्रदेव विद्रोहियों के हाथों मारे गए । पर हुआ उलटा । भाट कवि अपनी ही चाल में उलझ गया ।  रुन्द्रदेव तो जिंदा निकले । [गहरी वाला]
बहेलिये को क्या पता कि जिस पक्षी को उसने पकडा है वह शापित मुनि-कुमार है । बेटे के पैर से परेशान बहेलिये ने देखा, चोंच में जडी-बूटी लिए अनेक पक्षी उसके घर की मुँडेर पर आ बैठे हैं । [बेटे का पैर]
आलसी हरिया को मिल गए जादुई कुदाल और कुल्हाड़ा । उसने लोगों को डराना शुरू कर दिया । पर मिला क्या ? अपना कुदाल-कुल्हाड़ा ही गँवा बैठा । [मीठे बेर]
देवपति को कम सुनता था। यह लड़की तुतलाकर बोलती थी। दोनों मिले तो शादी को राजी हो गए। फिर उनकी मुलाकात हुई एक मेंढक से । [मिठाई दो]
जमींदार के खेत में हल जोतते बेलाराम को पेड़ पर हार मिला । जमींदार ने कहा-“मेरा खेत, मेरा पेड़, अत: हार भी मेरा ।" बेलाराम ने अपनी बात कही तो जमींदार ने अपने कान पकड़ लिए । बोला- "माफ कर दो बेलाराम ।" [घोसले में हार]
शीतक के बहकावे में आकर माणिक की बेटी सुधा को सब मनहूस समझने लगे । कोई उससे शादी को तैयार न हुआ तो एक पेड़ से उसकी शादी कर दी गई । पर पेड़ पर ऐसा कौन बैठा था, जिससे सारे लोग सुधा के एहसानमंद हो गए ? [घर चलो]
श्रीनिवास वत्स की ऐसी ही दर्जनों कहानियों को इस पुस्तक से संगृहीत किया गया है । बच्चे तो बच्चे बड़े भी इन्हें पूरा पढ़े  बिना नहीं रह सकेंगे । अनूठे अंदाज, अनूठे ताने-बाने से रची ये रचनाएँ मनोरंजन का खजाना हैं । पढ़कर देखिए तो सही ।

Shrinivas Vats

श्रीनिवास वत्स
जन्म : 23 दिसंबर, 1959, रोहतक (हरियाणा)
शिक्षा : एम०ए०, बी०एड०, पी०जी०जे०डी०, शास्त्री 
लेखन एवं प्रकाशन : हिंदी की लगभग सभी महत्वपूर्ण पत्र-पत्रिकाओं में  कहानियाँ एवं व्यंग्य  लेख प्रकाशित । 'साप्ताहिक हिंदुस्तान' में 'लघु व्यंग्य स्तंभ' काफी चर्चित रहा। पिछले बीस वर्षों से आकाशवाणी एवं दूरदर्शन के  लिए लेखन । बाल-साहिल में विशेष कार्य ।
प्रकाशित पुस्तकें :-
'प्रश्न एक पुरस्कार का', 'व्यंग्य तंत्र', 'चोर भये कोतवाल' (व्यंग्य); 'गूँगा देश', 'यमराज के वरदान', 'नए महाराज' (नाटक); 'पाशमुक्ति', 'माँ का स्वप्न' (कहानी/उपन्यास); 'आकार लेते विचार' (निबंध); कहानियों की आठ पुस्तकें (बाल-साहित्य)
पुरस्कार :-
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एन०सी०ई०आर०टी०) द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार । बिहार सरकार के राजभाषा विभाग द्वारा 'डॉ० अमरनाथ झा' पुरस्कार । हरियाणा साहित्य अकादमी द्धारा कहानी के लिए तीन पुरस्कार । चिल्ड्रेंस बुक ट्रस्ट एवं शकुन्तला सिरोठिया बाल-साहित्य पुरस्कार से सम्मानित ।

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