Chaak Par Charhi Maati

Baldev Vanshi

Availability: In stock

Seller: KGPBOOKS

Qty:
200.00 180 + Free Shipping


  • Year: 2014

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Amarsatya Prakashan

  • ISBN No: 9789383234189

धरती पर माटी का अम्बार, अनेकानेक रूपों में बढ़ता जा रहा है । माटी का विस्तार संवेदना-शून्य, मरी माटी का । पांवों तले बेदर्दी से कुचली-गूंधी माटी/खेतों की/नदी-नालों के बहते पानियों की/कहाँ-कहाँ से आई बहकर / रोते हुए भूखे कण/दुविधा में दुखते क्षण/अकाल के मारे । पानी-पानी जागने/पत्थर-पत्थर सोने के/उनींदे-विदीर्ण सपनों के/कैसा लेंगे रूप? यही वर्तमान इक्कीसवीं सदी की भयसनी, भयंकर त्रासदियों की नियति है । लगता है किन्हीं अलक्ष्य ग्रहों से पीड़ाएँ इस धरती पर मृत्यु, युद्ध, हिंसा, हत्या के रूप में बरस रही हैं या इस धरती की माटी से ही उग-उगकर बाहर निकल रही हैं ।

Baldev Vanshi

डॉ० बलदेव वंशी
जन्म : 1 जून, 1938, मुलतान (अब पाकिस्तान में)
एम०ए० हिंदी, पी-एच०डी० । हिंदी के सुप्रतिष्ठित कवि, आलोचक, पत्रकार और संपादक । ग्यारह कविता-संग्रह, पाँच आलोचना पुस्तकें सहित पैंतीस से ऊपर पुस्तके प्रकाशित । विभिन्न भाषा अकादमियों, साहित्यिक संस्थाओं, विश्वविद्यालयों द्वारा सम्मानित । छ: पुस्तकें केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा पुरस्कृत । 'कहत कबीर कबीर' पर 'कबीर शिखर सम्मान' प्राप्त । संत मलूकदास की मूल वाणी को देवनागरी में लाने के उपलक्ष्य में प्रथम श्री मलूक रत्न पुरस्कार (1999) । रचनाएँ विश्वविद्यालय पाठयक्रमों में निर्धारित क्या अनेक भाषाओं में अनूदित ।
'विश्व रामायण सम्मलेन' क्तथा कबीर चेतना यात्रा' के सिलसिले में मॉरीशस, हालैंड, इंग्लैंड, बैल्जियम, नेपाल आदि विदेशों में और देश में यात्राएँ । 'अखिल भारतीय भाषा संरक्षण संगठन' के संस्थापक अध्यक्ष, विश्व कबीरपंथी महासभा के अध्यक्ष, दादू शिखर सम्मान  समिति के संयोज़क-निदेशक ।
'कहत कबीर', 'दादू जीवन दर्शन', 'संत कवि  दादू', ‘श्री मलूक वाणी' (मूल रूप में प्रथमत: प्रकाश्य) पुस्तकों के लेखक-संपादक ।

Scroll