Patjhar Ke Phool

Pushpa Sharma Suchitra

Availability: In stock

Seller:

Qty:
200.00 180 +


  • Year: 2017

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Vandana Book Agency

  • ISBN No: 978-81-89424-75-6

‘पतझड़ के फूल’ सहज मन से उत्पन्न कविताओं का संग्रह है। यहां भाव प्रमुख है, भाषा और शिल्प आदि का स्थान उसके बाद है। पाठकों को ये कविताएं अपनी सी लगेंगी। निजी रचनाशीलता के बहाने कवयित्री पुष्पा शर्मा ने कविता के अस्तित्व को इन शब्दों में व्यक्त किया है—‘मेरे लिए कविता आत्म-अभिव्यक्ति का सबसे अच्छा साधन है। सुख हो या दुःख कविता हर स्थिति में आत्म-सम्बल तो देती ही है, आत्म-सुख भी देती है। कविता औषधि की तरह दुःख में दिल के लिए मरहम और खुशी में टानिक का काम करती है। जीवन के खट्टे-मीठे अनुभवों को सहेजने में कविता हमेशा मेरी साथी रही है। काव्य-रचना के बाद ऐसे आत्म-संतोष का अनुभव होता है जैसे मन की बात किसी अपने से कहकर होता है। यह कम शब्दों में अधिक कहने और सीधे हृदय को स्पर्श करने की सर्वोत्तम विधा है।’

Pushpa Sharma Suchitra

पुष्पा शर्मा ‘सुचित्रा’ इक्कीस वर्ष तक हिंदी भाषा की वरिष्ठ अध्यापिका रही हैं। वे राजनीतिशास्त्रा और हिंदी साहित्य में एम. ए., एम. एड. हैं। कविता लिखना इन्होंने 1978 में शुरू किया था। इस संग्रह में संकलित 25 प्रतिशत कविताएं 30 से 35 वर्ष पहले लिखी गई हैं। अपने सेवा काल में ये 15 वर्ष तक अपने विद्यालय की वार्षिक पत्रिका के हिंदी विभाग की संपादक रही हैं। इनके लिखे यात्रा-वृत्तांत हिंदी की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में छपते रहे हैं। 
अपने पर्वतारोही/ट्रैकर पति के साथ इन्होंने देश-विदेश में अनेक स्थानों की यात्रा की है और कुमाऊं, गढ़वाल और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रैकिंग की है। सन् 2002 में इन्होंने आदि कैलाश और 2007 में पवित्रा कैलाश मानसरोवर यात्रा की है। वर्तमान में ये काव्य रचना के अतिरिक्त कहानी लेखन और बालसाहित्य लेखन में संलग्न हैं।

Scroll