Jaiv Praudyogiki Ke Vividh Aayaam

Shuk Deo Prasad

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  • Year: 2010

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Himachal Pustak Bhandar

  • ISBN No: 978-81-88123-33-9

1953 में जब वाटसन, क्रिक और विलकिंस ने डी.एन.ए. अणु की दुहरी कुंडली वाला अपना सुप्रसिद्ध माॅडल डबल हेलिक्स प्रस्तुत किया तो विज्ञों ने कहा था ‘मानव ने ब्रह्म का साक्षात्कार कर लिया है’ और अब जबकि मानव या किसी भी प्रजाति के गुणों के संवाहक डी.एन.ए. अणु की अंतर्निहित संरचना ‘जीन’ के अंतस्थल का मनुष्य ने चित्रण कर लिया है और मानव कोशिकाओं में पाई जाने वाली अनुमानतः समस्त जीनों का नक्शा तैयार कर लिया है तो सहज ही ईश्वर की भूमिका के समक्ष चुनौती देने वाले प्रथम सोपान की निर्मिति आधुनिक विश्वामित्रों ने कर ली है। निस्संदेह अनेकानेक नैतिक-अनैतिक यक्ष प्रश्नों के अंबार भी उठ खड़े होंगे लेकिन यह निर्विवाद है कि यदि मानवीय विवेक का समुचित संप्रयोग किया गया तो इस नीजी नक्शे की बदौलत समग्र मानव जाति के सुखद और कल्याणकारी भविष्य हेतु एक नया गवाक्ष खुल जाएगा जो समस्त वसुधा को सुख-शांति, आमोद-प्रामदे-रंजन और रोमांच से लबरेज कर देगा।

Shuk Deo Prasad

शुकदेव प्रसाद
जन्म: 24 अक्तूबर, 1954 को बस्ती जिले (अब सिद्धार्थ नगर) के एक शिक्षक परिवार में।
शिक्षा: प्रारंभिक शिक्षा गृह जनपद में तथा उच्च शिक्षा इलाहाबाद विश्वविद्यालय में। एम.एस-सी. (वनस्पति विज्ञान), एम.ए. (हिंदी), एम.ए. (अर्थशास्त्र) तथा एम.ए. (प्राचीन भारतीय इतिहास), साहित्य महोपाध्याय (मानद डाक्टरेट)।
लेखन/संपादन: हिंदी विज्ञान लेखन में प्रारंभ से रुचि। अब तक देश की विभिन्न पत्रा-पत्रिकाओं में विज्ञान- संबंधी 4000 से अधिक लेखों एवं शताधिक पुस्तकों का प्रणयन। ‘विज्ञान भारती’, ‘विज्ञान वैचारिकी’ एवं ‘पर्यावरण दर्शन’ पत्रिकाओं का कुशल संपादन।
पुरस्कार: उत्कृष्ट लेखन के लिए--साइंटिस्ट आफ टुमारो एवार्ड, उ.प्र. हिंदी संस्थान पुरस्कार, विक्रम साराभाई पुरस्कार, राष्ट्रीय बाल साहित्य पुरस्कार, डा. होमी भाभा पुरस्कार, सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी पुरस्कार, कौटिल्य पुरस्कार, साहित्य महोपाध्याय (डाक्टरेट की मानद उपाधि हिंदी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग, 1990), जगपति चतुर्वेदी बाल विज्ञान लेखन सम्मान, चमेली देवी महेन्द्र स्मृति पुरस्कार, राजभाषा पुरस्कार, डा. आत्माराम पुरस्कार, डा. संपूर्णानंद पुरस्कार, अनुशंसा पुरस्कार, विज्ञान वाचस्पति, सर्जना पुरस्कार, अवध भूषण, भारतीय साहित्य सुधा-रत्न, राष्ट्रीय ज्ञान-विज्ञान पुरस्कार तथा डा. सी.वी. रमन तकनीकी लेखन पुरस्कार।
संप्रति: शुकदेव प्रसाद शांति एवं विज्ञान प्रतिष्ठान, इलाहाबाद के अध्यक्ष/स्वच्छंद विज्ञान लेखक। ‘शुकदेव प्रसाद आन करंट साइंस’ के संपादक।

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