Baron Ki Baatein

Shuk Deo Prasad

Availability: In stock

Seller: KGPBOOKS

Qty:
240.00 216 + Free Shipping


  • Year: 2016

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Arya Prakashan Mandal

  • ISBN No: 9788189982683

आराम कहां?
चीनी हमले के बाद हार की वजह से नेहरू जी कुछ हिल से गए थे। एक दिन मौका देखकर उनके सहकारी टी.एन. कौल ने कहा--‘पंडित जी, आप कुछ दिन के लिए विश्राम क्यों नहीं कर लेते? एक सप्ताह आप आराम कर लें तब तक आप काफी तनावरहित महसूस करने लगेंगे।’
नेहरू जी ने छूटते ही कहा--‘तुमने भी खूब कहा। विश्राम और वह भी एक सप्ताह का? यदि मैं एक सप्ताह बिस्तर पर पड़ गया तो कभी उठ नहीं पाऊंगा। मेरे जीवन में विश्राम कहां?’
सचमुच पं. जवाहरलाल नेहरू के जीवन का मंत्र ही था चरैवेति-चरैवेति। उन्होंने ही नारा दिया था-- ‘आराम हराम है।’ और जीवन की आखिरी सांस तक वे इस पर अमल करते रहे।
उनकी मेज पर राबर्ट फ्रास्ट की ये कविताएं लिखी हुई सदा विराजमान रहती थीं: ‘वुड्स आर लवली डार्क एंड डीप। बट आई हैव प्रामिसेस टू कीप। माइल्स टू गो बिफोर आई स्लीप। माइल्स टू गो बिफोर आई स्लीप।’
सघन ये वन सुंदर भरपूर
पर मुझे तो रखनी बात जरूर।
सोने से पहले तो मुझे जाना
है मीलों दूर।
मुझे जाना है मीलों दूर।
--इसी पुस्तक से

Shuk Deo Prasad

शुकदेव प्रसाद
जन्म: 24 अक्तूबर, 1954 को बस्ती जिले (अब सिद्धार्थ नगर) के एक शिक्षक परिवार में।
शिक्षा: प्रारंभिक शिक्षा गृह जनपद में तथा उच्च शिक्षा इलाहाबाद विश्वविद्यालय में। एम.एस-सी. (वनस्पति विज्ञान), एम.ए. (हिंदी), एम.ए. (अर्थशास्त्र) तथा एम.ए. (प्राचीन भारतीय इतिहास), साहित्य महोपाध्याय (मानद डाक्टरेट)।
लेखन/संपादन: हिंदी विज्ञान लेखन में प्रारंभ से रुचि। अब तक देश की विभिन्न पत्रा-पत्रिकाओं में विज्ञान- संबंधी 4000 से अधिक लेखों एवं शताधिक पुस्तकों का प्रणयन। ‘विज्ञान भारती’, ‘विज्ञान वैचारिकी’ एवं ‘पर्यावरण दर्शन’ पत्रिकाओं का कुशल संपादन।
पुरस्कार: उत्कृष्ट लेखन के लिए--साइंटिस्ट आफ टुमारो एवार्ड, उ.प्र. हिंदी संस्थान पुरस्कार, विक्रम साराभाई पुरस्कार, राष्ट्रीय बाल साहित्य पुरस्कार, डा. होमी भाभा पुरस्कार, सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी पुरस्कार, कौटिल्य पुरस्कार, साहित्य महोपाध्याय (डाक्टरेट की मानद उपाधि हिंदी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग, 1990), जगपति चतुर्वेदी बाल विज्ञान लेखन सम्मान, चमेली देवी महेन्द्र स्मृति पुरस्कार, राजभाषा पुरस्कार, डा. आत्माराम पुरस्कार, डा. संपूर्णानंद पुरस्कार, अनुशंसा पुरस्कार, विज्ञान वाचस्पति, सर्जना पुरस्कार, अवध भूषण, भारतीय साहित्य सुधा-रत्न, राष्ट्रीय ज्ञान-विज्ञान पुरस्कार तथा डा. सी.वी. रमन तकनीकी लेखन पुरस्कार।
संप्रति: शुकदेव प्रसाद शांति एवं विज्ञान प्रतिष्ठान, इलाहाबाद के अध्यक्ष/स्वच्छंद विज्ञान लेखक। ‘शुकदेव प्रसाद आन करंट साइंस’ के संपादक।

Scroll