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motivational stories

  • grid
  • Saahasi Bachchon Ke Kaarnaame
    Sanjiv Gupta
    150 135

    Item Code: #KGP-52

    Availability: In stock

    जब मैं छोटा था तो दूसरे बच्चों की तरह खुद भी काॅमिक्स वगैर पढ़ने का शौक रखता था। कुछ बड़ा हुआ तो सोचा कि ये काॅमिक्स बच्चों का मनोरंजन भले ही करते हों, लेकिन न तो उनका चरित्र-निर्माण ही कर पाते हैं और न उन्हें सही राह ही दिखा पाते हैं। मुझे लगा कि बच्चों के लिए ऐसे साहित्य की रचना होनी चाहिए जो वास्तवित धरातल से जुड़ा हो, उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दे तथा एक अच्छा मनुष्य बनाए।
    पत्रकारिता से जुड़ा और प्रतिवर्ष राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार पाने वाले बच्चों से बात करने, उनकी कवरेज करने का अवसर मिला तो मन में दबी यह इच्छा फिर से बलवती होने लगी।
    वर्ष 2003 के प्रारंभ में बहादुर बच्चों से मिलने का अवसर मिला तो सोचा कि इस बार उसी प्रयास को और बेहतर ढंग से अंजाम दिया जाए। इस बारमैंने कहानियों को बहादुर बच्चों से बातचीत की शैली में तैयार कियाताकि उनमें और अधिक वास्तविकता आ सके। कहानियों की संख्या भी दस से बढ़कर उन्नीस है और उनका प्रस्तुतिकरण भी अधिक आकर्षक हैं पहली पुस्तक की तुलना में यह पुस्तक और भी कई मायनों में बेहतर स्वरूप संजोए है। 
    —संजीव गुप्ता
  • Saahasi Bachche : Anokhe Karname
    Sanjiv Gupta
    250 225

    Item Code: #KGP-243

    Availability: In stock


  • Swami Vivekanand Ki Shreshth Kahaniyan
    Jagnnath Prabhakar
    140

    Item Code: #KGP-7847

    Availability: In stock

    स्वामी विवेकानंद की श्रेष्ठ कहानियाँ
    स्वामी विवेकानंद की श्रेष्ठ कहानियां के इस संग्रह में अधिक कहानियाँ तो वे हैं जो उनके भाषणों में  बिखरी पड़ी हैं । ये कहानियाँ उन्होंने अमेरिका में अपने भाषणों के गंभीर आध्यात्मिक तत्त्वों को समझाने के  लिए दृष्टान्त या उदारणों के रूप में सुनायी थीं । कुछ एक कहानियां उनके जीवन की घटनाओं से सम्बन्ध रखती हैं । इन सबके निर्वाचन में इस बात का ध्यान रखा गया है कि इनकी विषय-वस्तु केवल शिक्षाप्रद ही न हो, अपितु साधारण विशेष पढे-लिखे बालक से बूढ़े तक सभी पाठकों के लिए रुचिकर, आकर्षक और मर्मस्पर्शी हो । इनके अनुवाद में सरल और मुहावरा-रंजित भाषा के प्रयोग का प्रयास किया गया है । इन कहानियों के विषय में इससे अधिक कुछ कहने की आवश्यकता अनुभव नहीं होती, क्योंकि इनके साथ विश्वविख्यात महापुरुष विवेकानंद का परम विवेकशील, धर्मपरायण, तपस्वी, विचारक, भारतीय दर्शनशास्त्रों के अद्वितीय ज्ञाता, देशभक्त, वैज्ञानिक दृष्टि संपन्न एवं सांसारिक विपत्ति- विघ्नों को तो क्या मृत्यु की विभिषिका को भी पद-दलित करके लक्ष्य की और बढ़ते चले जाने वाला मृत्युंजय व्यक्तित्व जुड़ा हुआ है । 
    हमें पूरी आशा है की ये कहानियां पाठकों के लिए केवल मनोरंजन ही के तत्तव प्रस्तुत नहीं करेंगी, प्रत्येक नयी चेतना, शाश्वत आनंद और अविरत अविरल सहस प्रवाह से भी उनके हृदयों को प्लावित कर देंगी। 
  • Bachcho Achchhe Bano
    Prakash Narayan Natani
    200 180

    Item Code: #KGP-317

    Availability: In stock


  • Aur Aagey Badhatey Raho...
    Dr. Rashmi
    200 180

    Item Code: #KGP-466

    Availability: In stock

    जीवन व साहित्य में सदुपदेश, सत्संग और सुभाषित का विशेष महत्त्व है। इनमें अनुभवों का ऐसा खजाना होता है जो किसी को भी समृद्ध कर सकता है। यही कारण है कि साहित्य में प्रारंभ से ही नीति-कथाओं का प्रचलन है। ये कथाएं प्रेरणा देती हैं, संघर्ष करना सिखाती हैं, असमंजस में उलझे मन को उचित निर्णय लेने की शक्ति देती हैं और समग्रतः जीना सिखाती हैं। ‘...और आगे बढ़ते रहो’ प्रेरक प्रसंगों की एक ऐसी ही रोचक पुस्तक है। लेखिका डॉ. रश्मि ने बड़ी कुशलता से उपयोगी जीवन सूत्रों को प्रस्तुत करते हुए उनमें निहित संदेश भी रेखांकित कर दिया है।
    इन प्रेरक प्रसंगों में मूलतः नैतिक शिक्षा छिपी है। वह नैतिकता जिसके बिना सार्थक, संतुलित और स्वस्थ मानव जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। ऐसी प्रेरक कथाएं वर्षों से समाज में सत्य, प्रेम, अहिंसा, त्याग और सहनशीलता के बीज बोती रही हैं। पहले घर-परिवार में बड़े बुजुर्ग, जैसे--दादी-दादा, नानी-नाना ऐसी बहुत सारी कहानियां सुनाते थे। बहाने-बहाने से बच्चे उनसे बहुत कुछ ऐसी बातें सीखते थे जो जीवनपर्यंत याद रहती थीं। आज समय बदल गया है। क्या बड़े, क्या बच्चे--सब अपनी-अपनी जगह व्यस्त हैं। प्रेरक प्रसंगों से भरी कहानियां सुनाने का जिम्मा पुस्तकों ने ले लिया है। इस बात का अनुभव पाठक यह पुस्तक पढ़ते हुए करेंगे। सीधी सुगम भाषा और प्रवाहपूर्ण शैली में लिखी ये रचनाएं पाठकों को प्रभावित व प्रेरित करेंगी--ऐसा हमारा विश्वास है।

  • Swami Ram Tirath Ki Shreshtha Kahaniyan
    Jagnnath Prabhakar
    80 72

    Item Code: #KGP-9140

    Availability: In stock

    स्वामी रामतीर्थ की श्रेष्ठ कहानियां जहाँ अत्यंत रूचि-मोहक है, वहां उसका दामन उज्ज्वल प्रेरणाओं और सुनहले शिक्षा-तत्वों से जगमगा रहा है तथा ह्रदय व मन को आलोकित किये देता है । 
    प्रत्येक कहानी के अंत में कुछ शब्दों द्वारा कहानी में निहित शिक्षा-तत्त्व का संकेत दिया  गया है । यही ऐसा न किया जाता, तो इन कहानियों एवं स्वामी जी के उद्देश्य से न्याय नहीं हो सकता था । स्वामी जी ने प्रत्येक कहानी का उद्भावना केवल इसीलिए किया था की उसके रोचक माध्यम से अपने श्रोताओं एवं पाठकों के निकट विषय की गंभीरता तथा दुरूहता बोधगम्य व सरल हो जाये और साथ ही साथ शिक्षा के तत्त्व भी उजागर हो उठें । 
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